खुद को खो दिया हमने

खुद को खो दिया हमने,
अपनों को पाते पाते
लोग कहते है हम मुश्कुराते बहोत है ,
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते
"खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ,
लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह करता हूँ.
मालूम हे कोई मोल नहीं मेरा.....
फिर भी,
कुछ अनमोल लोगो से
रिश्ता रखता हूँ......!
क्या हुआ अगर जिंदगी में"हम"तन्हा है ???
लेकिन इतनी अहमियत तो
दोस्तो में बना ही ली है कि...
"मेला लग जायेगा उस दिन शमशान
में,
जिस दिन"मैँ"चला जाँऊगा आसमान में"!! 


---Anonymus

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